॥ आरती (काली माता) — आद्या पूजा ॥
जय काली माता, मैया जय काली माता।
जय काली माता, मैया जय काली माता। तुम ही तो दैत्य संहार, महा शक्ति प्रतापी।। शरण आयें जो भक्त तेरा, दीन दुख हटे अविराम। तुम्हारी भस्म माला गले, रक्त अक्षि ललाट उज्जवल तम।। धनुर्धारी कालरात्रि, निस्सीम शक्ति स्वामी। काली नाम की आरती, भक्त मन में आए धामी।। तुम्हारे चरण ध्यावन से, अज्ञान अंधकार मिटे। जय काली माता, श्रुति स्मृति तुलसी आदि रटे।।
(आरती समाप्त)
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