॥ आरती (तुळजा भवानी) — तुळजा भवानी माता ॥
तुळजा भवानी आरती, शक्ति स्वरूप अंबाबाई॥
जय भवानी, जय भवानी, तुळजा देवी त्रिपथगा। सात्विक शारदी ऋतु धरे, मंगल गुणु का विभूषा।। शिव शंकर जन्मी हैं, सखि गौरी प्रशंसाय। अति दृढ़ता रस भरे, दुर्गा-संकट हरन व्रजाय।। घट अतिरिक्त महा चित्र, भुज चार विविध धारी। भक्तन बन्धु-भवनी, कल्याणक, आराधिका सवारी।। जय भवानी, जय भवानी, जीवन में उजाला लाज। कृपा करो भक्तों पर, संकट जड़ से मिटाय।।
(आरती समाप्त)
हमारे व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें
आरती, चालीसा और दैनिक अनुष्ठानों की समय पर अपडेट सीधे अपने फोन पर प्राप्त करें।
अभी जुड़ें