॥ आरती (शनि देव) — ग्रहों के नायक ॥
शनि देव शनि देव कहि, ग्रह दोष निवारक रवि।
जय शनि देव, जय शनि देव, कालपुरुष तेज धारा। कृष्णवर्ण, काले वस्त्र, दिग्दर्शक थाम धारा।। शरणागतों का सुकुमार, दंड भंडार अस्त्र-दाता। संकट हरे श्री शनि देव, जीवन में उजियारा।। जय शनि देव, जय शनि देव, शांति का अभिमंत्र। भक्तों पर दया कर, दूर करो ग्रहों का ज्वर।।
(आरती समाप्त)
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