॥ आरती (भावानी) — शक्ति भजन ॥
जय भवानी माता, जय भवानी माता, शेरवाहिनी।
जय भवानी माता, जय भवानी माता, त्रिशूल धारिणी। सूर्य चंद्र प्रकाश से, मंगल ध्वनि सदा प्रज्जवलित।। भक्ति पथ भजे जो भी, भय भय मिटी जाते। करुणा के अश्रु बहें, भक्तों के लिए सदा भागते।। जय भवानी माता, जय भवानी माता, भक्तों की रक्षा करो। धैर्य दान कर, संकट हरो, सदा कल्याण लाओ।।
(आरती समाप्त)
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